धराली (उत्तरकाशी), 31 जुलाई।
पिछले वर्ष आई भीषण प्राकृतिक आपदा की बरसी से पहले उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने धराली में राहत, पुनर्वास और जनसुविधाओं को लेकर संवेदनशील पहल करते हुए विकासखण्ड भटवाड़ी के धराली में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में बहुद्देशीय शिविर एवं जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया। शिविर का उद्देश्य आपदा प्रभावित परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना, स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा पुनर्वास कार्यों को गति देना रहा।
शिविर में विभिन्न विभागों ने एक ही छत के नीचे अपनी सेवाएं उपलब्ध कराईं। ग्रामीणों ने प्रमाणपत्र, पेंशन, स्वास्थ्य परीक्षण, बैंकिंग सेवाओं, कृषि, उद्यान, पशुपालन, विद्युत एवं पेयजल सहित अनेक योजनाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम में 21 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनका मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र समाधान के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
ग्रामीणों की मांगों पर जिलाधिकारी के त्वरित निर्देश
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने कल्प केदार मंदिर के पुनरुद्धार की मांग उठाई। जिलाधिकारी ने ग्रामवासियों से प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने को कहा और बताया कि सरकार पूर्व में मंदिर के पुनरुद्धार का आश्वासन दे चुकी है। उन्होंने जिला पर्यटन विकास अधिकारी को प्रस्ताव प्राप्त होते ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सोमेश्वर मंदिर में शेल्टर निर्माण की मांग पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही स्वीकृति प्रदान कर दी।
जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत लंबित बीमा भुगतान की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को पंजाब नेशनल बैंक के साथ समन्वय स्थापित कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुनर्वास कार्यों की दी गई जानकारी
उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी ने बताया कि धराली के 21 परिवारों के पुनर्वास हेतु भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। 66 परिवारों की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जबकि 25 अन्य परिवारों का सर्वेक्षण शीघ्र पूरा किया जाएगा।
ग्रामीणों द्वारा होम-स्टे योजना का लाभ लेने के लिए भूमि को 143 में दर्ज करने की मांग पर जिलाधिकारी ने आवेदन प्राप्त होते ही प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पंचायत भवन की मांग पर सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी ने बताया कि भवन स्वीकृत हो चुका है और शीघ्र निर्माण कार्य शुरू होगा।
विद्युत आपूर्ति को लेकर ग्रामीणों की शिकायत पर अधिशासी अभियंता यूपीसीएल को सिंगल फेज लाइन वाले क्षेत्रों का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
सामुदायिक शौचालय की मांग पर मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत 25 लाख रुपये की लागत वाले सामुदायिक शौचालय का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
लाभार्थियों को वितरित किए गए चेक एवं सहायता सामग्री
शिविर में उद्यान विभाग की पीएमएफएमई/सीएमएफएमई योजना के अंतर्गत विभिन्न लाभार्थियों को वित्तीय सहायता के चेक वितरित किए गए। इनमें झाला निवासी अनिल (₹87,966), धराली निवासी अनिल (₹1,68,081), मुखवा निवासी धर्मानंद सेमवाल (₹76,375), झाला निवासी उदय सिंह (₹87,966) तथा जयपाल (₹1,34,250) शामिल रहे।
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा धराली की शिवांगी, जसपुर की निशा तथा झाला की प्रियंका को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट प्रदान की गई। वहीं समाज कल्याण विभाग ने परमानंद राणा, नागेंद्र, शूरवीर सिंह और विपुल को श्रवण यंत्र (हियरिंग एड) वितरित किए।
ग्रामीणों ने सराही प्रशासन की पहल
धराली के लोगों ने जिला प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि आपदा के बाद प्रशासन लगातार क्षेत्र में पहुंचकर जनसमस्याओं का समाधान कर रहा है। इससे प्रभावित परिवारों में विश्वास बढ़ा है और पुनर्वास प्रक्रिया को नई गति मिली है।
शिविर में मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह, उपजिलाधिकारी शालिनी नेगी, पुलिस उपाधीक्षक जनक पंवार, जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रजनीश सिंह, जिला उद्यान अधिकारी एस.एस. वर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एच.एस. बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी कुलदीप पंवार, अधिशासी अभियंता सिंचाई सचिन सिंघल, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल नेगी, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल मनोज गुसाईं, खंड विकास अधिकारी अमित ममगई, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं, ग्राम प्रधान अजय नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
