नागनी-धरासू बैंड क्षेत्र में बाघ की दस्तक से दहशत, पिंजरा लगाने की मांग

एक सप्ताह से लगातार दिख रही बाघ की गतिविधियां, ग्रामीणों ने वन विभाग से सुरक्षा और पशु क्षति का मुआवजा मांगा

उत्तरकाशी, 14 सितंबर। विकासखंड चिन्यालीसौड़ के नागनी, धनपुर और धरासू बैंड क्षेत्र में पिछले एक सप्ताह से बाघ की गतिविधियां सामने आने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। धरासू, नागनी, धरासू बैंड समेत आसपास के शहरी और ग्रामीण इलाकों में लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। खासकर स्कूली बच्चों, खेतों में काम करने वाले काश्तकारों और आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में बाघ को लेकर चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार बाघ पिछले कई दिनों से नागनी, धनपुर और धरासू बैंड की सीमा से लगे क्षेत्रों में लगातार घूम रहा है। करीब एक सप्ताह पहले नागनी क्षेत्र में सुनील सेमवाल और यशवंत बिष्ट के गोवंशीय पशुओं पर बाघ ने हमला कर दिया था। घटना के बाद से ग्रामीणों में भय और बढ़ गया है।

बाघ की लगातार गतिविधियों को देखते हुए सामाजिक कार्यकर्ता सुमन बडोनी, वीरेंद्र बिष्ट, गोपाल नौटियाल, प्रवीण नौटियाल और बलबीर राणा ने धरासू रेंज के रेंजर जगमोहन सिंह गंगाड़ी से मुलाकात की। उन्होंने वन विभाग से आबादी के आसपास बाघ की निगरानी बढ़ाने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में पिंजरा लगाने की मांग की।

ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ के हमले में प्रभावित पशुपालकों सुनील सेमवाल और यशवंत बिष्ट को नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिए जाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि आबादी क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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