गोपेश्वर। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई), नई दिल्ली के निर्देशों के क्रम में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय, श्रीनगर की ओर से गठित निरीक्षण समिति ने राजकीय विधि महाविद्यालय गोपेश्वर का स्थलीय निरीक्षण किया। समिति ने महाविद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं, संसाधनों और अन्य व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन कर आवश्यक जानकारी जुटाई।
निरीक्षण समिति में पी.पी. बडोनी, रसायन विज्ञान विभाग, पौड़ी परिसर, संयोजक, डॉ. सुधीर कुमार चतुर्वेदी, विधि विभाग, पौड़ी परिसर, विधि विशेषज्ञ एवं सदस्य तथा इंजीनियर के.बी. थपलियाल, सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता, आरईएस सदस्य के रूप में शामिल रहे।
समिति ने महाविद्यालय के भूमि-भवन, कक्षा-कक्ष, पुस्तकालय, मूट कोर्ट, लीगल एड सेंटर, कंप्यूटर सेंटर और कॉमन हॉल का निरीक्षण किया। इस दौरान शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर गतिविधियों की जानकारी लेने के साथ ही आवश्यक अभिलेखों और दस्तावेजों का भी अवलोकन किया गया।
निरीक्षण के दौरान समिति के सदस्यों ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्र-छात्राओं से संवाद कर शैक्षणिक गतिविधियों, उपलब्ध सुविधाओं और अध्ययन व्यवस्था के संबंध में फीडबैक लिया। महाविद्यालय प्रशासन ने समिति को संस्थान में उपलब्ध संसाधनों और विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से बार काउंसिल ऑफ इंडिया की मान्यता के संबंध में अप्रैल 2026 में महाविद्यालय का निरीक्षण कराया गया था। इसके बाद बीसीआई ने महाविद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं का स्थलीय निरीक्षण कराने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में समिति ने महाविद्यालय का पुनः निरीक्षण किया।
उन्होंने बताया कि पूर्व में गठित निरीक्षण समिति द्वारा विश्वविद्यालय से संबंधित अन्य औपचारिकताओं और आवश्यक व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहे।
