13 सितंबर तक किशोरी की बरामदगी का अल्टीमेटम, कोतवाली में दो घंटे चली वार्ता
सितारगंज। 67 दिनों से लापता 13 वर्षीय किशोरी की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर गुरुवार को लोगों ने मंडी समिति से सितारगंज कोतवाली तक विरोध रैली निकाली। तिरंगा चौक, किच्छा रोड और मुख्य बाजार से होते हुए प्रदर्शनकारी कोतवाली पहुंचे और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कोतवाली परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
कोतवाली पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे तक वार्ता हुई। इस दौरान किशोरी की तलाश और अब तक की पुलिस कार्रवाई को लेकर कई मुद्दों पर तीखी बहस भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। किशोरी की तलाश में ठोस कार्रवाई करते हुए उसे जल्द से जल्द सकुशल बरामद किया जाए।
पूर्व विधायक नारायण पाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कोतवाल सुंदरम शर्मा से मुलाकात कर मामले की जांच और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। नारायण पाल ने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ पुलिस को संवेदनशीलता के साथ संवाद करना चाहिए। साथ ही जांच की प्रगति की जानकारी परिवार को नियमित रूप से दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें मामले की स्थिति के बारे में जानकारी मिलती रहे।
ऐक्टू की जिला सचिव अनीता अन्ना ने भी किशोरी की शीघ्र बरामदगी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि परिवार पिछले 67 दिनों से अपनी बच्ची के लौटने का इंतजार कर रहा है। ऐसे में पुलिस को मामले को गंभीरता से लेते हुए तलाश अभियान में तेजी लानी चाहिए।
वार्ता के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर मामले में भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने जांच नियमानुसार और निष्पक्ष तरीके से किए जाने की बात कही।
करीब दो घंटे चली वार्ता के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को 13 सितंबर तक किशोरी को सकुशल बरामद करने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय तक यदि किशोरी की बरामदगी को लेकर कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया तो आगे आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
प्रदर्शन में आनंद सिंह नेगी, मोहित चोपड़ा, इमरान, आकाश अंसारी, गौरव लूथरा, फेमिश, मंजू आर्य, मोबीना, शबीना और सरमीन सिद्दीकी समेत कई लोग मौजूद रहे।
