यूएसडीटी की खरीद-फरोख्त से लेकर एटीएम से नकदी निकासी तक का खेल; 1.18 लाख रुपये, 24 एटीएम कार्ड, 11 मोबाइल समेत बैंकिंग दस्तावेज बरामद

सुल्तान अंसारी

हल्द्वानी। साइबर अपराधियों, म्यूल बैंक खातों, संदिग्ध मोबाइल नंबरों और अवैध नकदी निकासी के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी विशेष अभियान ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट-2026’ के तहत नैनीताल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मुखानी थाना क्षेत्र की लक्ष्मण विहार कॉलोनी में छापेमारी कर पुलिस ने साइबर वित्तीय नेटवर्क संचालित करने वाले गिरोह के कथित मुख्य सरगना समेत छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दो विधि-विवादित किशोरों को भी संरक्षण में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, पांच और छह सितंबर की मध्यरात्रि सटीक सूचना के आधार पर मुखानी पुलिस, एसओजी और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने लक्ष्मण विहार कॉलोनी स्थित एक मकान में छापा मारा। कार्रवाई एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र और एसपी सिटी मनोज कत्याल के पर्यवेक्षण में की गई।

गिरफ्तार आरोपितों में राहुल यादव (30) पुत्र अजय यादव, निवासी पंचवटी नगर, इंदौर, मध्य प्रदेश को गिरोह का मुख्य सरगना बताया गया है। पुलिस के मुताबिक राहुल पूर्व में इंदौर ग्रामीण थाने में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में जेल जा चुका है। इसके अलावा हर्षित कुमार (26), कमल गोस्वामी (21), साहिल कुमार (21), मौ. अयान (20) और मौ. शुभान (24) को गिरफ्तार किया गया है।

तीन प्रतिशत कमीशन का लालच देकर लेते थे खाते

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह साइबर अपराध से प्राप्त रकम को अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित करने के लिए म्यूल खातों का इस्तेमाल करता था। स्थानीय युवकों को तीन प्रतिशत कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक और पासबुक हासिल किए जाते थे। इसके बाद इन खातों से एटीएम के जरिए नकदी निकाली जाती थी। अधिक रकम होने पर कैश डिपॉजिट मशीन (सीडीएम) के माध्यम से रकम दूसरे खातों में जमा या ट्रांसफर की जाती थी। पुलिस के अनुसार, खाताधारकों के सिम कार्ड भी आरोपित अपने पास रखते थे।

बाइनेंस के जरिए यूएसडीटी की खरीद-फरोख्त

पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य संचालक राहुल यादव बाइनेंस ऐप के माध्यम से नकद रकम से यूएसडीटी खरीदता था। इसके बाद टेलीग्राम के जरिए प्राप्त कथित अनधिकृत ‘यूमास्टर’ ऐप पर प्रतिदिन करीब चार से पांच लाख रुपये मूल्य की यूएसडीटी बेची जाती थी। पुलिस का कहना है कि इस कारोबार में तीन प्रतिशत अतिरिक्त मुनाफे और बोनस का लालच दिया जाता था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।

बड़ी मात्रा में सामान और बैंकिंग दस्तावेज बरामद

पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 1,18,800 रुपये नकद, एक डेल लैपटॉप, एक एप्पल आईपैड और 11 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। इनमें आईफोन 17 प्रो, आईफोन 14 प्रो, सैमसंग गैलेक्सी एस24 और सैमसंग गैलेक्सी एस22 अल्ट्रा समेत अन्य मोबाइल शामिल हैं।

इसके अलावा 24 विभिन्न बैंकों के सक्रिय एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 सक्रिय सिम कार्ड, छह चेकबुक, चार पासबुक और 16 बैंक जमा/सीडीएम पर्चियां भी बरामद की गई हैं।

दो वांछित आरोपितों की तलाश जारी

मामले में मुखानी थाने में मु0अ0सं0 141/2026 दर्ज किया गया है। आरोपितों के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(सी), 66(डी) तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 3(5), 318(4) के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मामले में दो अन्य वांछित आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। वहीं, दो विधि-विवादित किशोरों को संरक्षण में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

कार्रवाई करने वाली टीम में मुखानी पुलिस, एसओजी और साइबर सेल के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। एसएसपी नैनीताल ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 2,500 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।

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