बेरीनाग।
बेरीनाग नगरपालिका के प्रस्तावित डम्पिंग जोन का विरोध अब तेज हो गया है। शनिवार को कांडे, किरौली, चौकोड़ी, उडियारी सहित आसपास के एक दर्जन गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में तहसील कार्यालय पहुंचे और प्रस्तावित डम्पिंग जोन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने “नगर का कूड़ा गांव में नहीं” के नारे लगाते हुए सरकार और नगरपालिका के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर डम्पिंग जोन का प्रस्ताव तत्काल निरस्त करने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि बेरीनाग-उडियारी बैंड मोटर मार्ग पर कांडे क्षेत्र में स्थानीय लोगों की सहमति के बिना डम्पिंग जोन प्रस्तावित किया गया है। उनका कहना है कि जिस स्थान का चयन किया गया है, उसके समीप एक दर्जन गांवों की पेयजल योजनाओं के प्राकृतिक स्रोत, धार्मिक स्थल तथा प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कालीताल स्थित है। इसके अलावा करीब 200 मीटर की दूरी पर ग्रामीण आबादी भी निवास करती है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
जिला पंचायत सदस्य ललित कार्की ने आरोप लगाया कि जंगल क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर डम्पिंग जोन बनाया जा रहा है, जिसका ग्रामीण हर स्तर पर विरोध करेंगे। वहीं ग्राम प्रधान दीप पंत, मनीषा देवी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि यह क्षेत्र ग्रामीणों के प्राकृतिक पेयजल स्रोत, गौचर भूमि और धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। ऐसे स्थान पर कूड़ा डम्पिंग जोन बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि डम्पिंग जोन का प्रस्ताव शीघ्र निरस्त नहीं किया गया तो क्षेत्र के एक दर्जन गांवों के लोग सड़क पर उतरकर उग्र जनआंदोलन शुरू करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
प्रदर्शन में जिला पंचायत सदस्य ललित कार्की, ग्राम प्रधान मनीषा देवी, दीप पंत, हेमा देवी, सुरेंद्र कुमार, पवन कुमार, प्रेम सिंह नेगी, युवक मंगल दल अध्यक्ष योगेश महरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
