मांगें नहीं मानी तो धान खरीद से बाहर रहेंगे राइस मिलर्स
सितारगंज। आगामी धान खरीद सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले राइस मिलर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन के समक्ष मोर्चा खोल दिया है। राइस मिलर्स एसोसिएशन सितारगंज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो मिलर्स आगामी सत्र में सरकार के साथ अनुबंध नहीं करेंगे और धान खरीद प्रक्रिया से बाहर रहेंगे।
सोमवार को एसोसिएशन के पदाधिकारी तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार हिमांशु जोशी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि चार सितंबर को रुद्रपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बैठक में लंबित भुगतान, सीएमआर चावल के उठान और मंडी शुल्क समेत विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई थी। बैठक में मांगें पूरी होने तक सरकारी अनुबंध नहीं करने का निर्णय लिया गया।
मिलर्स ने वर्ष 2019 से 2026 तक के करीब 500 करोड़ रुपये के लंबित बिलों का तत्काल भुगतान किए जाने की मांग की। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 के करीब सात लाख टन सीएमआर चावल का शीघ्र उठान कराने तथा वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक जमा किए गए 0.5 प्रतिशत मंडी शुल्क की धनराशि वापस करने की मांग रखी।
एसोसिएशन ने आगामी धान खरीद सत्र में मंडी शुल्क का भुगतान विभाग की ओर से सीधे किए जाने की भी मांग की है। मिलर्स ने कहा कि लंबे समय से लंबित भुगतान के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मांगों का समाधान नहीं होने की स्थिति में आगामी धान खरीद सत्र में सरकारी अनुबंध से दूर रहने का निर्णय लिया गया है।
ज्ञापन की प्रतियां जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर और संभागीय खाद्य नियंत्रक, कुमाऊं मंडल को भी भेजी गई हैं।
इस दौरान एसोसिएशन अध्यक्ष सौरभ सिंघल, महामंत्री दर्पण खुराना, विनय मित्तल, विनोद मित्तल, सुरेश अग्रवाल, पुनीत गोयल, अनिल सिंघल, ऋषभ गोयल और श्याम किशन गुप्ता समेत अन्य राइस मिलर्स मौजूद रहे।
