पुरोला। विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर गुरुवार को तहसील परिसर पुरोला में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उत्तरकाशी के निर्देशानुसार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध के प्रति आमजन को जागरूक करना तथा पीड़ितों के अधिकारों, सुरक्षा और उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी देना था।
इस अवसर पर तहसीलदार कमल सिंह राठौर ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मानव तस्करी समाज के लिए एक गंभीर और जघन्य अपराध है, जिसकी रोकथाम के लिए प्रत्येक नागरिक की सतर्कता और सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी मानव तस्करी या किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस अथवा संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को सूचित करें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों को जागरूक बनाकर ही इस अपराध पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को मानव तस्करी के कारणों, इसके सामाजिक एवं मानसिक दुष्परिणामों, पीड़ितों के अधिकारों तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार विश्व मानव तस्करी विरोधी दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुरोला में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मानव तस्करी के विरुद्ध सतर्क रहने और इस सामाजिक बुराई के खिलाफ एकजुट होकर कार्य करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में पीएलवी दर्शन लाल, अरुण सिंह, अमित नेगी, सुरेन्द्र लाल, सोवेन्द्र, केशर नेगी, बिजेन्द्र पंवार, श्रीदेव, अनिल खण्डुरी, महेश आर्य सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने मानव तस्करी के उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना समय पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
