उत्तरकाशी। जनपद की मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) अभियान शुरू कर दिया गया है। सोमवार को एनआईसी कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए मतदाताओं की शंकाओं का समाधान किया।
उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जुलाई 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए 14 जुलाई 2026 को जनपद की तीनों विधानसभा क्षेत्रों की फोटोयुक्त मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।
63,727 मतदाताओं को जारी किए गए नोटिस
मस्तू दास ने बताया कि जनपद में कुल 63,727 नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इनमें 55,973 विभिन्न प्रकार की विसंगतियों वाले मतदाता तथा 7,751 अनमैप्ड मतदाता शामिल हैं। इन मामलों की सुनवाई के लिए 38 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) नियुक्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि नोटिस मिलने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। सुनवाई के दौरान निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों में से आधार कार्ड के अतिरिक्त आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
बीएलओ को भी जमा कर सकते हैं दस्तावेज
सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदाताओं को दस्तावेज जमा कराने के लिए बूथ पर जाने की आवश्यकता नहीं है। आवश्यक दस्तावेज बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को भी दिए जा सकते हैं। बीएलओ के माध्यम से ही नोटिसों का वितरण भी किया जा रहा है।
नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए उपलब्ध हैं आवेदन
उन्होंने बताया कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है तो वह फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन कर सकता है। मृत्यु अथवा स्थायी स्थानांतरण की स्थिति में फॉर्म-7, जबकि नाम, पता या अन्य विवरण में संशोधन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके युवा भी फॉर्म-6 के माध्यम से अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा जिन युवाओं की आयु 1 जनवरी, 31 मार्च, 1 जून या 29 अगस्त 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो रही है, वे भी नियमानुसार मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के पात्र हैं।
पारदर्शी प्रक्रिया, घबराने की जरूरत नहीं
मस्तू दास ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी है और इसका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को शुद्ध एवं त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें नोटिस प्राप्त होता है तो समय पर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराकर निर्वाचन आयोग का सहयोग करें।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग का यह विशेष अभियान लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। एक शुद्ध और सटीक मतदाता सूची ही निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव की आधारशिला है।
