विकासनगर। पछवादून क्षेत्र में सैनिकों, पूर्व सैनिकों और आम नागरिकों की भूमि से जुड़े धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज, अवैध कब्जे और उत्पीड़न के मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर गुरुवार को उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ पछवादून के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर भूमि संबंधी मामलों की निष्पक्ष जांच और त्वरित निस्तारण की मांग उठाई।
ज्ञापन में कहा गया कि पछवादून क्षेत्र में भूमाफियाओं द्वारा सैनिकों, पूर्व सैनिकों तथा आम जनता की जमीनों पर अवैध कब्जे करने, फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि का क्रय-विक्रय करने और एक ही भूमि की दो-दो या तीन-तीन बार रजिस्ट्री कराने जैसे गंभीर मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पीड़ितों को न्याय के लिए राजस्व विभाग, पुलिस कार्यालयों और न्यायालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया में दस्तावेजों के सत्यापन की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाए तथा यह जांच की जाए कि एक ही भूमि की बार-बार रजिस्ट्री कैसे हो रही है। साथ ही ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच कर उनके खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ ने आरोप लगाया कि कई मामलों में पीड़ित पक्ष को ही मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है और कुछ मामलों में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई की शिकायतें भी सामने आई हैं। संगठन ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच, पारदर्शी कार्रवाई और पीड़ितों के साथ संवेदनशील व्यवहार की मांग की।
ज्ञापन में सैनिकों और पूर्व सैनिकों की भूमि संबंधी शिकायतों के लिए विशेष निगरानी तंत्र और त्वरित शिकायत निवारण व्यवस्था स्थापित करने की मांग भी की गई। संगठन का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों, अवैध कब्जों और भूमि धोखाधड़ी के मामलों की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने वर्तमान में लेह-लद्दाख में तैनात वायुसेना के जवान कुलदीप सिंह रावत की भूमि संबंधी शिकायत का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक जब छुट्टी लेकर घर लौटता है तो उसे अपनी जमीन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जो बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
ज्ञापन सौंपने वालों में पूर्व सैनिक कर्नल कैलाश देवरानी, केदार सिंह, देवेंद्र सिंह, गंगा सिंह, हरविंदर सिंह, नरेंद्र नेगी, जगदीश नेगी, राम रतन नेगी, रमेश चंद्र, वीर सिंह पंवार, उत्तम सिंह, अरुणा देवी, दीक्षा देवी सहित अन्य पूर्व सैनिक और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधियों, पुलिस प्रशासन और राजस्व विभाग से सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं आम जनता की भूमि संबंधी शिकायतों पर तत्काल प्रभावी और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए तो उत्तराखंड क्रांति दल इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा।
