राजा रघुनाथ मंदिर गैर बनाल में लोक संस्कृति और संगीत का दिखा रंग, देर रात तक चला नृत्य-गायन का दौर

भादों की थोलू गैर में विक्की चौहान के गीतों पर जमकर थिरके युवा

पुरोला संवाददाता। बनाल पट्टी के प्रसिद्ध भादों की थोलू पर्व के अवसर पर राजा रघुनाथ मंदिर गैर बनाल में युवा संगठन बनाल की ओर से इस वर्ष भी भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोक संस्कृति और आधुनिक लोक संगीत का अनूठा संगम देखने को मिला।

सांस्कृतिक संध्या में हिमाचल प्रदेश के सुप्रसिद्ध नाटी किंग विक्की चौहान, नरेश बादशाह, सुनील बेसारी सहित स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। जैसे ही विक्की चौहान ने अपने लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति शुरू की, कार्यक्रम स्थल तालियों और उत्साह से गूंज उठा। युवा उनके गीतों पर जमकर थिरकते नजर आए।

भादों की थोलू के अवसर पर बनाल पट्टी के साथ ही पुरोला और यमुना घाटी के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा कार्यक्रम में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने राजा रघुनाथ जी महाराज के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद उठाया। देर रात तक चले नृत्य और गायन के दौर में लोगों ने कलाकारों की प्रस्तुतियों पर जमकर उत्साह दिखाया।

कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक लोक संस्कृति के साथ आधुनिक लोक संगीत का खूबसूरत संगम देखने को मिला। आयोजन ने युवाओं को अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश भी दिया।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजक एवं युवा संगठन बनाल के अध्यक्ष निरीश नोटियाल ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन स्थानीय परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र की लोक संस्कृति और लोक कलाकारों को प्रोत्साहन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में राजा रघुनाथ मंदिर समिति के पुजारी, माली और सदस्य सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर पुलिस प्रशासन भी तैनात रहा।

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