गुरु पूर्णिमा पर उत्तरकाशी में श्रद्धा, सेवा और संस्कार के विविध आयोजन; गुरु पूजन, गायत्री यज्ञ, वृक्षारोपण व सदस्यता अभियान संपन्न

उत्तरकाशी, 29 जुलाई | चंद्रप्रकाश बहुगुणा।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार, उत्तरकाशी द्वारा जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में श्रद्धा, साधना, सेवा और संस्कार से जुड़े विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्य आयोजन जोशियाड़ा स्थित श्रीराम यज्ञशाला में संपन्न हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने सामूहिक गुरु पूजन कर युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के आदर्शों एवं विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन मुख्य ट्रस्टी यशपाल सिंह पायल एवं संस्कृति ज्ञान परीक्षा की संयोजक रेखा पायल के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गायत्री परिवार की सदस्यता ग्रहण कर युग निर्माण अभियान से जुड़ने का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में जिला समन्वय समिति के मुख्य संयोजक जय स्वरूप बहुगुणा, सह संयोजक अजय प्रकाश बड़ोला, राधावल्लभ नौटियाल, महावीर रावत, विशन सिंह चौहान, कीर्ति सिंह रावत, संगीता पायल, सरोज नौटियाल, अनीता रावत सहित अनेक गायत्री परिजनों ने सहभागिता की।

इसी क्रम में दिखोली गाजणा में जिला ब्लॉक संयोजक एवं आचार्य डॉ. मुरली मनोहर भट्ट के नेतृत्व में श्रीराम शर्मा वाटिका में फलदार एवं पुष्पीय पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल का संकल्प लिया।

वहीं चिन्यालीसौड़ में राजेंद्र बधानी एवं गायत्री परिजनों के नेतृत्व में सामूहिक गायत्री महायज्ञ का आयोजन किया गया। इसके अलावा बड़कोट और ब्रह्मखाल में भी गायत्री परिवार के सदस्यों ने गुरु पूजन, गायत्री यज्ञ तथा आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित कर गुरु पूर्णिमा का पर्व श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया।

उत्तरकाशी गायत्री परिवार समन्वय समिति के जिला अध्यक्ष जय स्वरूप बहुगुणा ने कहा कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की मूल अवधारणा “आदर्श व्यक्ति निर्माण से आदर्श समाज निर्माण तथा आदर्श समाज निर्माण से धरती पर स्वर्ग का अवतरण” है। उन्होंने कहा कि समाज में नैतिक मूल्यों, संस्कारों और सकारात्मक सोच के प्रसार के लिए प्रत्येक व्यक्ति को गुरुदेव के विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।

इस अवसर पर डॉ. मुरली मनोहर भट्ट ने कहा कि गुरुदेव का संदेश “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा; हम बदलेंगे, युग बदलेगा” आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि विश्वभर में करोड़ों गायत्री परिजन गुरुदेव के विचारों एवं कार्यों का अनुसरण करते हुए समाज निर्माण, नैतिक जागरण और राष्ट्र निर्माण के अभियान को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने सभी से आध्यात्मिक चेतना के साथ सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

!-- Google tag (gtag.js) -->