केंद्रीय मंत्रियों ने डॉ. चिन्मय पण्ड्या के नेतृत्व की सराहना, युवाओं से नशामुक्त भारत के निर्माण का आह्वान

हरिद्वार, 2 अगस्त। अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा दशकों से संचालित नशा मुक्ति अभियान को भारत सरकार के ‘नशा मुक्त युवा–विकसित भारत’ अभियान के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर नई गति और ऊर्जा मिली है। नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय (देसंविवि), हरिद्वार के प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए युवाओं से नशामुक्त, स्वस्थ, संस्कारित और राष्ट्रनिष्ठ जीवन अपनाने का आह्वान किया।

गायत्री परिवार के संस्थापक युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने अपने रचनात्मक सप्त आंदोलनों में नशा मुक्ति अभियान को प्रमुख स्थान दिया था। उनके मार्गदर्शन में प्रारंभ हुआ यह अभियान वर्षों से देशभर में व्यसनमुक्ति, नैतिक जागरण, चरित्र निर्माण और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जनजागरण चला रहा है। वहीं, देव संस्कृति विश्वविद्यालय भी शिक्षा, शोध, युवा प्रशिक्षण, ग्राम विकास तथा राष्ट्रीय सेवा गतिविधियों के माध्यम से नशामुक्ति और मूल्याधारित जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है।

राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से करीब ढाई करोड़ युवाओं ने सहभागिता की। विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और युवा संस्थाओं ने भी अभियान से जुड़कर नशामुक्त भारत के संकल्प को मजबूत किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का आधार जागरूक, स्वस्थ और नशामुक्त युवा शक्ति है। उन्होंने युवाओं से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाकर इसे सामाजिक जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया तथा केंद्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत के नेतृत्व में हुआ। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने नशा मुक्ति अभियान में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया।

इस अवसर पर गायत्री परिवार एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने कहा कि युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा शुरू किया गया नशा मुक्ति अभियान आज विकसित भारत के संकल्प से सीधे जुड़ चुका है। उन्होंने कहा कि नशामुक्ति केवल सामाजिक सुधार का अभियान नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण, परिवार सुदृढ़ीकरण, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है।

प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि शांतिकुंज, गायत्री परिवार और देव संस्कृति विश्वविद्यालय भविष्य में भी जनजागरण, युवा प्रेरणा, व्यसनमुक्ति अभियान तथा मूल्यनिष्ठ शिक्षा के माध्यम से इस राष्ट्रीय अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाते रहेंगे। कार्यक्रम में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के हजारों विद्यार्थियों ने भी वर्चुअल माध्यम से जुड़कर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

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