नई टिहरी। जौनपुर विकासखंड स्थित राजकीय उद्यान मगरा में प्रस्तावित कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के तकनीकी पहलुओं का आकलन करने के लिए न्यूज़ीलैंड से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने दो दिवसीय दौरे के दौरान विस्तृत निरीक्षण किया। प्रतिनिधिमंडल ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की संभावनाओं के साथ-साथ उच्च गुणवत्ता वाली नर्सरी, मदर ब्लॉक, प्रशासनिक भवन एवं अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का भी जायजा लिया।
दौरे के दौरान मगरा कीवी उद्यान में एक अत्याधुनिक ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित किया गया। इस स्टेशन के माध्यम से तापमान, आपेक्षिक आर्द्रता, मृदा नमी, पवन गति तथा धूप की अवधि जैसे महत्वपूर्ण मौसम संबंधी आंकड़ों का नियमित संग्रह किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इन आंकड़ों के आधार पर किसानों को वैज्ञानिक एवं सटीक बागवानी निर्णय लेने में सहायता मिलेगी, जिससे कीवी उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में वृद्धि होगी।
न्यूज़ीलैंड के बायोसाइंस संस्थान से आए वैज्ञानिकों ने क्षेत्र के लगभग 50 कीवी उत्पादक किसानों एवं बागवानों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं, सुझावों और अनुभवों को जाना। इस दौरान किसानों को रोग एवं कीट प्रबंधन, ट्रेनिंग एवं प्रूनिंग तकनीकों, उन्नत बाग प्रबंधन तथा आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। वैज्ञानिकों ने न्यूज़ीलैंड में अपनाई जा रही नवीनतम कीवी उत्पादन तकनीकों की जानकारी साझा करते हुए किसानों को आधुनिक बागवानी पद्धतियों से परिचित कराया।
प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय किसानों के अनुभवों और सुझावों का भी दस्तावेजीकरण किया, ताकि भविष्य में तैयार होने वाली योजनाओं एवं परियोजनाओं में क्षेत्रीय आवश्यकताओं और किसानों की अपेक्षाओं को समुचित स्थान दिया जा सके।
न्यूज़ीलैंड प्रतिनिधिमंडल में डेनियल कोलिन ब्लैक, निकोलस गूल्ड, जॉय लॉरेन टायसन, स्टीवन रॉबर्ट ग्रीन, जेरेमी निकोलस बॉर्डन तथा डॉ. स्टीफ़न क्लेयर माँटेगोमरी शामिल रहे। वहीं भारतीय न्यूज़ीलैंड उच्चायोग से सुदेशना रे, कृषि मंत्रालय भारत सरकार से चिराग, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय से सुरभि पांडे और कविता राणा, नर्सरी पुनर्जीवन टिहरी के नोडल अधिकारी योगेश भट्ट, नर्सरी विकास अधिकारी मगरा राहुल राणा, जिला उद्यान अधिकारी अरविंद शर्मा, जौनपुर ब्लॉक के उद्यान विभाग के अधिकारी एवं क्षेत्र के अनेक बागवान उपस्थित रहे।
विशेषज्ञों ने कहा कि यदि मगरा में कीवी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होती है तो यह न केवल टिहरी जनपद बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए कीवी उत्पादन, गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री उपलब्ध कराने, तकनीकी प्रशिक्षण और किसानों की आय बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। इससे प्रदेश में कीवी उत्पादन को नई दिशा मिलने के साथ-साथ बागवानी क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
