पिथौरागढ़।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे. एस. चुफाल के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने धारचूला विकासखंड की बंगापानी तहसील के दूरस्थ एवं दुर्गम कनार गांव में दो दिवसीय विशेष चिकित्सा शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की। गांव के प्रधान द्वारा बड़ी संख्या में लोगों के अस्वस्थ होने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चिकित्सकों की टीम को हेली सेवा के माध्यम से तत्काल गांव भेजा।
शिविर के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने कुल 255 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान शुगर, रक्तचाप सहित विभिन्न आवश्यक स्वास्थ्य जांचें की गईं तथा जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही ग्रामीणों को मौसमी बीमारियों से बचाव, व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल के उपयोग और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेने के प्रति जागरूक किया गया।
मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए चिकित्सा टीम ने गांव में लगभग 90 वर्ष आयु के दो शय्याग्रस्त बुजुर्गों के घर पहुंचकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की ग्रामीणों ने मुक्तकंठ से सराहना की।
विशेष चिकित्सा शिविर में डॉ. आशु अवस्थी (चिकित्सा अधिकारी), डॉ. मृगांक शुक्ला (चिकित्सा अधिकारी), विनोद चंद्र मखोलिया (फार्मेसी अधिकारी) तथा नितेश बिष्ट (सीएचओ) ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं।
अभियान के दौरान स्वस्थ हिमालय अभियान सोसाइटी की ओर से ग्राम सभा को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए इमरजेंसी फर्स्ट एड किट भी उपलब्ध कराई गई।
शिविर के समापन पर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की त्वरित, संवेदनशील एवं प्रभावी पहल की सराहना करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे. एस. चुफाल सहित संपूर्ण चिकित्सा दल का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि दुर्गम क्षेत्र में समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित होने से बीमार लोगों को गांव में ही गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध हो सका और उन्हें इलाज के लिए दूरस्थ अस्पतालों की ओर नहीं जाना पड़ा।
