टिहरी में भारी बारिश का कहर: 16 मोटर मार्ग अब भी बाधित, कई क्षेत्रों में सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान

नई टिहरी। जनपद टिहरी गढ़वाल में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। भूस्खलन, मलबा और बोल्डर गिरने की घटनाओं के चलते जिले के कई मोटर मार्ग बाधित हो गए हैं, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित सड़कों को जल्द से जल्द खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और पीएमजीएसवाई की टीमें लगातार राहत एवं बहाली कार्य में जुटी हुई हैं।

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, गुरुवार सुबह 8:20 बजे तक पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 29.67 मिमी वर्षा दर्ज की गई। सबसे अधिक 56 मिमी वर्षा नरेंद्रनगर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कीर्तिनगर में 35 मिमी, घनसाली में 25 मिमी, धनोल्टी में 24 मिमी, टिहरी में 23 मिमी और देवप्रयाग में 15 मिमी बारिश दर्ज की गई।

लगातार बारिश के कारण लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत तीन राज्य मार्ग, एक मुख्य जिला मार्ग और छह ग्रामीण मोटर मार्ग सहित कुल 10 सड़कें भूस्खलन और मलबा आने से बाधित हुईं। इनमें से पांच मार्गों को दिनभर के प्रयासों के बाद यातायात के लिए खोल दिया गया, जबकि एक मुख्य जिला मार्ग और चार ग्रामीण मोटर मार्ग देर शाम तक भी बंद रहे।

वहीं पीएमजीएसवाई के अंतर्गत 13 ग्रामीण मोटर मार्ग भी प्रभावित हुए। इनमें से केवल दो मार्गों पर ही यातायात बहाल हो सका, जबकि 11 ग्रामीण सड़कें देर शाम तक बंद रहीं। विभागीय टीमें सभी प्रभावित मार्गों को शीघ्र सुचारू करने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने बताया कि जिले में फिलहाल विद्युत और पेयजल आपूर्ति बाधित होने की कोई सूचना नहीं है। हालांकि, अतिवृष्टि और दैवीय आपदा के चलते कण्डीसौड़, कीर्तिनगर, घनसाली, टिहरी, प्रतापनगर और जाखणीधार तहसीलों में सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।

इसके अलावा विकासखंड जौनपुर में एक तथा प्रतापनगर में चार सिंचाई नहरें एवं गूलें भी दैवीय आपदा की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिला प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

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