पुरोला, संवाददाता। प्रखंड पुरोला के शिकारू गांव में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर भूस्खलन और मिट्टी कटाव होने से सेब की फसल प्रभावित हुई है। वहीं, कई फलदार पेड़ जड़ से उखड़कर मलबे में दब गए हैं। इससे बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दौरान कई पेड़ों पर तैयार हो रहे सेब झड़कर खराब हो गए, जबकि भूस्खलन की चपेट में आने से कई पेड़ और उनकी टहनियां क्षतिग्रस्त हो गईं। लगातार बारिश के कारण बगीचों में जगह-जगह मिट्टी कटाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे आने वाले समय में भी बागवानों की परेशानी बढ़ने की आशंका है।
शिकारू गांव के सामाजिक कार्यकर्ता महिपाल रावत, सूरत सिंह, मनमोहन सिंह समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सेब की फसल गांव के कई परिवारों की आजीविका का प्रमुख साधन है। बागवान कई वर्षों तक पेड़ों की देखभाल और मेहनत के बाद उन्हें फल देने योग्य बनाते हैं, लेकिन प्राकृतिक आपदाओं के कारण हर साल उनकी मेहनत पर असर पड़ रहा है। कभी अतिवृष्टि तो कभी ओलावृष्टि से सेब की फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों को आर्थिक झटका सहना पड़ रहा है।
सेब उत्पादकों ने प्रशासन और उद्यान विभाग से गांव में हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द आकलन कराने की मांग की है। साथ ही प्रभावित काश्तकारों को नियमानुसार उचित मुआवजा और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की अपील की है।
