राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति ने मुख्यमंत्री को भेजा पांच सूत्रीय ज्ञापन, चेतावनी—कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा उग्र

उत्तरकाशी, 4 अगस्त | चंद्रप्रकाश बहुगुणा। भू-धंसाव की गंभीर समस्या से जूझ रहे मस्ताड़ी गांव के सुरक्षित पुनर्वास की मांग अब तेज हो गई है। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी संयुक्त समिति, उत्तराखंड ने गांव की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। समिति ने जिलाधिकारी उत्तरकाशी के माध्यम से मुख्यमंत्री को पांच सूत्रीय मांगपत्र भेजकर प्रभावित परिवारों के शीघ्र विस्थापन की मांग उठाई।

समिति के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. विजेन्द्र पोखरियाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि मस्ताड़ी गांव में लगातार भू-धंसाव के कारण मकानों में चौड़ी दरारें पड़ रही हैं और जमीन लगातार धंस रही है। ऐसे में ग्रामीण, विशेषकर बच्चे और बुजुर्ग, हर समय भय के साए में जीवन बिताने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि किसी बड़ी जनहानि से पहले सरकार को गांव का सुरक्षित पुनर्वास प्राथमिकता के आधार पर शुरू करना चाहिए।

डॉ. पोखरियाल ने कहा कि मस्ताड़ी का संकट केवल एक गांव का नहीं, बल्कि पूरे पर्वतीय क्षेत्र की सुरक्षा और संवेदनशीलता से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि जब प्रकृति लगातार चेतावनी दे रही है तो सरकार को भी त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। सड़क, शिक्षा और सुरक्षा को पहाड़ के विकास की बुनियादी जरूरत बताते हुए उन्होंने इन क्षेत्रों में शीघ्र कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन में रखी गईं पांच प्रमुख मांगें

मस्ताड़ी गांव का तत्काल विस्थापन कर भू-धंसाव प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए।

लोहारीनाग-पाला टनल को सील करने के बजाय वैकल्पिक सड़क मार्ग (बाईपास) के रूप में विकसित किया जाए, ताकि गंगोत्री मार्ग पर भूस्खलन और जाम की समस्या से राहत मिल सके।

उत्तरकाशी-चौरंगी-लम्बगांव मार्ग का चौड़ीकरण कर इसे ऑल वेदर रोड की तर्ज पर बारहमासी एवं आपदा-रोधी बनाया जाए।

नौगांव-केल्शु-भंकोली-संगमचट्टी मार्ग का डामरीकरण कर रिटेनिंग वॉल का निर्माण, गड्ढों की मरम्मत और गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कराया जाए।

सीमांत क्षेत्र के बच्चों की बेहतर शिक्षा और पलायन रोकने के लिए धौंतरी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की जाए।

समिति के पदाधिकारियों जगदीश प्रसाद भट्ट, मोहनानंद बिजल्वाण और महिला मोर्चा अध्यक्ष चन्द्रकान्ता सेमवाल सहित अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि यह ज्ञापन गंगोत्री विधानसभा की जनता की वास्तविक समस्याओं और अपेक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर धरातल पर कार्य शुरू करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो जनहित में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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