पुरोला। संवाददाता
सरकार भले ही विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कई बार इन दावों से बिल्कुल अलग दिखाई देती है। इसका एक उदाहरण विकासखंड पुरोला के कंडियाल गांव की रहने वाली अंगिता हैं, जो पिछले आठ वर्षों से राशन कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है।
अंगिता के पति का वर्ष 2018 में निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनका पालन-पोषण वह दिहाड़ी मजदूरी और गांव की चौकीदारी कर किसी तरह कर रही हैं।
अंगिता का कहना है कि पति के निधन के बाद से ही उन्होंने राशन कार्ड बनवाने के लिए कई बार ग्राम पंचायत की बैठकों में अपनी समस्या उठाई और विकासखंड कार्यालय के भी अनेक चक्कर लगाए, लेकिन आज तक उनका राशन कार्ड नहीं बन पाया।
उन्होंने बताया कि इस बार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हुए सर्वे के बाद उन्हें उम्मीद थी कि उनका नाम लाभार्थियों की सूची में शामिल होगा, लेकिन सूची जारी होने पर उनका नाम नहीं मिला। इससे वह बेहद निराश हैं।
सोमवार को अंगिता ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) पुरोला को प्रार्थना पत्र सौंपकर राशन कार्ड शीघ्र बनवाने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से मानवीय आधार पर उनकी समस्या का समाधान करने की अपील की है।
