गुवाहाटी में आयोजित सांस्कृतिक प्रशिक्षण कार्यशाला में उत्तरकाशी का प्रतिनिधित्व

उत्तरकाशी। 25 जुलाई। सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से गुवाहाटी (असम) में 22 जुलाई से 11 अगस्त तक आयोजित ओरिएंटेशन (बेसिक फाउंडेशन) कार्यशाला में उत्तरकाशी जिले के शिक्षकों को प्रतिभाग कर जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतिनिधित्व करने का गौरवपूर्ण अवसर मिला।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं, कला, संगीत, नृत्य, हस्तशिल्प एवं सांस्कृतिक मूल्यों से शिक्षकों को परिचित कराना तथा भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय की भावना को मजबूत करना था।

कार्यशाला के दौरान उत्तरकाशी के प्रतिभागी शिक्षकों ने जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं का प्रभावशाली परिचय प्रस्तुत किया। उन्होंने उत्तराखंड के प्रमुख लोकनृत्यों, लोकगीतों, पारंपरिक वेशभूषा, लोकवाद्यों, पर्व-त्योहारों, रीति-रिवाजों, लोककलाओं तथा हिमालयी जीवनशैली की विशिष्टताओं को प्रतिभागियों के समक्ष विस्तार से रखा।

इसके साथ ही देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं, स्थानीय हस्तशिल्प और लोकसंस्कृति की विशिष्ट पहचान से भी कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को अवगत कराया गया।

उत्तरकाशी के शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक विरासत ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए प्रतिभागियों को हिमालयी लोकजीवन और उत्तराखंड की विशिष्ट संस्कृति को करीब से समझने का अवसर प्रदान किया। कार्यशाला के माध्यम से विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक विविधताओं के आदान-प्रदान के साथ राष्ट्रीय एकता एवं सांस्कृतिक समन्वय की भावना को भी मजबूती मिली।

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