उत्तरकाशी, 5 जून।
सीमांत जनपद उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर शुक्रवार को भारतीय वायुसेना की सामरिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। आगरा एयरबेस से पहुंचे भारतीय वायुसेना के अत्याधुनिक मालवाहक विमान सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस ने एयरस्ट्रिप पर दो बार सफल लैंडिंग और टेकऑफ कर अपनी उत्कृष्ट क्षमता का परिचय दिया।
चीन सीमा से सटे उत्तरकाशी जिले में स्थित चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डा सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। पर्वतीय और संवेदनशील क्षेत्र में स्थित यह एयरस्ट्रिप भारतीय वायुसेना के लिए रणनीतिक रूप से अहम भूमिका निभाती है। यही कारण है कि यहां समय-समय पर वायुसेना अपने विभिन्न विमानों का संचालन और अभ्यास करती रही है।
भारतीय वायुसेना का भरोसेमंद ‘गजराज’
अमेरिका से खरीदा गया सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस भारतीय वायुसेना के सबसे शक्तिशाली परिवहन विमानों में शामिल है। अपनी विशाल भार वहन क्षमता और कठिन परिस्थितियों में संचालन की विशेष योग्यता के कारण इसे वायुसेना का ‘गजराज’ भी कहा जाता है।
यह विमान लगभग 20 टन तक का भार लेकर उड़ान भर सकता है और छोटी तथा सीमित सुविधाओं वाली हवाई पट्टियों पर भी आसानी से लैंडिंग और टेकऑफ करने में सक्षम है। इसके अलावा यह एक बार में 92 सैनिकों या 64 पैराट्रूपर्स को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा सकता है।
आपदा राहत और सैन्य अभियानों में अहम भूमिका
सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस का उपयोग सैन्य अभियानों, राहत एवं बचाव कार्यों, आपदा प्रबंधन तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में रसद पहुंचाने के लिए किया जाता है। दुर्गम इलाकों में इसकी तेज और सुरक्षित पहुंच इसे भारतीय वायुसेना की सबसे महत्वपूर्ण संपत्तियों में से एक बनाती है।
चिन्यालीसौड़ एयरस्ट्रिप पर हरक्यूलिस विमान की सफल लैंडिंग और टेकऑफ ने एक बार फिर इस हवाई अड्डे की सामरिक उपयोगिता और भारतीय वायुसेना की उच्च परिचालन क्षमता को रेखांकित किया है। स्थानीय लोगों के लिए भी यह नजारा आकर्षण का केंद्र बना रहा।
फोटो कैप्शन:
चिन्यालीसौड़ हवाई अड्डे पर लैंडिंग के बाद रनवे पर खड़ा भारतीय वायुसेना का सी-130 जे सुपर हरक्यूलिस विमान।
