एडीएम शैलेन्द्र सिंह नेगी ने समीक्षा बैठक में कहा—निर्वाचन आयोग के निर्देशों का सख्ती से हो पालन, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

नई टिहरी। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को गति देने के लिए अपर जिलाधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी की अध्यक्षता में समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रारूप निर्वाचक नामावली, दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण, नोटिस वितरण तथा सुनवाई की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 14 जुलाई को किया जा चुका है। 14 जुलाई से 13 अगस्त तक मतदाताओं से दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जा रही हैं। इनका निस्तारण और नोटिसों की सुनवाई 11 सितंबर तक पूरी की जाएगी, जबकि अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 15 सितंबर को किया जाएगा।

छह विधानसभा क्षेत्रों में 994 मतदान केंद्रों पर चल रहा अभियान

जनपद की सभी छह विधानसभा सीटों के 994 मतदान केंद्रों पर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। प्रारूप निर्वाचक नामावली के अनुसार जनपद में 4,63,628 मतदाता पंजीकृत हैं।

विधानसभावार प्रस्तावित नोटिसों की संख्या इस प्रकार है—

घनसाली: 161 मतदान केंद्र, 85,081 मतदाता, 21,094 नोटिस

देवप्रयाग: 158 मतदान केंद्र, 75,437 मतदाता, 19,131 नोटिस

नरेंद्रनगर: 175 मतदान केंद्र, 79,199 मतदाता, 20,758 नोटिस

प्रतापनगर: 153 मतदान केंद्र, 74,237 मतदाता, 16,022 नोटिस

टिहरी: 156 मतदान केंद्र, 66,877 मतदाता, 19,256 नोटिस

धनोल्टी: 191 मतदान केंद्र, 82,797 मतदाता, 21,240 नोटिस

जनपद में कुल 1,17,501 नोटिस जारी किए जाने प्रस्तावित हैं।

नोटिस वितरण में तेजी लाने के निर्देश

समीक्षा के दौरान नोटिस वितरण की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि ईआरओ द्वारा जारी सभी नोटिस बीएलओ के माध्यम से तत्काल तामील कराए जाएं तथा उनकी प्रविष्टि बीएलओ ऐप पर समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि संबंधित मतदाताओं को सुनवाई की निर्धारित तिथि से पहले नोटिस उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ समय पर अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकें।

सुनवाई प्रक्रिया हो सरल और पारदर्शी

एडीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां संभव हो, नोटिस तामील करते समय ही संबंधित मतदाताओं से आवश्यक अभिलेख प्राप्त कर लिए जाएं, जिससे सुनवाई प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बन सके।

उन्होंने प्रत्येक मतदान केंद्र पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनवाई आयोजित करने, मतदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने तथा प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का प्रतिदिन निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

लापरवाही पर होगी कानूनी कार्रवाई

उप जिला निर्वाचन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम निर्वाचन आयोग की अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसमें किसी भी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा लापरवाही अथवा उदासीनता बरते जाने पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा-32 के तहत विधिक कार्रवाई की जा सकती है।

उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए निर्धारित समयसीमा के भीतर अभियान को सफलतापूर्वक पूर्ण किया जाए, ताकि जनपद की निर्वाचक नामावली पूरी तरह शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित बनाई जा सके।

!-- Google tag (gtag.js) -->