पशुपालन और डेयरी योजनाओं की समीक्षा, पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शिता से पहुंचे योजनाओं का लाभ: डीएम

रुद्रप्रयाग, 25 जुलाई। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद का कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने योजनाओं के पारदर्शी एवं प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही लाभार्थियों की ब्लॉकवार रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

विकास भवन सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत ने गौ पालन, बकरी पालन, भेड़ पालन, महिला बकरी पालन, गोट वैली, ब्रायलर फार्म स्थापना, बैकयार्ड कुक्कुट पालन, निःशुल्क चारा बीज वितरण और ग्राम्य गौ सेवक योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, लाभार्थियों की संख्या तथा वित्तीय एवं भौतिक उपलब्धियों की जानकारी जिलाधिकारी को दी।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विभागीय प्रदर्शनियों एवं जागरूकता कार्यक्रमों में किसानों, पशुपालकों और जनप्रतिनिधियों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं की जानकारी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी लाभार्थी को एक ही प्रकार की योजना का दोहरा लाभ न मिले। साथ ही किसानों और पशुपालकों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में डेयरी विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान गंगा गाय महिला डेयरी योजना, दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना, बछिया पालन योजना और दुग्ध समितियों की कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट दुग्ध समितियों, प्रगतिशील डेयरी किसानों और महिला दुग्ध उत्पादकों की सफलता की कहानियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग डेयरी व्यवसाय से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।

जिलाधिकारी ने बाजार में मिलावटी डेयरी उत्पादों की नियमित निगरानी और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत, वरिष्ठ प्रबंधक दुग्ध सरवन शर्मा, सहायक निदेशक दुग्ध भूपेंद्र बिष्ट, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी संदीप भट्ट, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव गोयल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

!-- Google tag (gtag.js) -->