उत्तराखंड के बहादुर बच्चों को मिलेगा बाल वीरता पुरस्कार, इस साल से होगी शुरुआत

देहरादून: उत्तराखंड के उन बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी है, जिन्होंने साहस और बहादुरी का परिचय देकर दूसरों की जान बचाई या विपरीत परिस्थितियों में असाधारण हिम्मत दिखाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषणा की है कि प्रदेश के बहादुर बच्चों को इसी वर्ष से राज्य स्तर पर बाल वीरता पुरस्कार दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा के साथ ही प्रदेश में बहादुर बच्चों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने की लंबे समय से चली आ रही मांग को मंजूरी मिल गई है। खास बात यह है कि यह घोषणा अमर उजाला की 3 फरवरी 2025 को प्रकाशित उस खबर पर मुहर है, जिसमें उत्तराखंड के बहादुर बच्चों को राज्य स्तर पर वीरता पुरस्कार देने की पहल की जानकारी दी गई थी।

राज्य स्तर पर मिलेगा सम्मान

उत्तराखंड में कई बच्चों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाने के लिए साहस दिखाया है। गुलदार के हमले से किसी की जान बचाने से लेकर दुर्घटनाओं और अन्य मुश्किल परिस्थितियों में लोगों की मदद करने तक, प्रदेश के बच्चों ने कई बार अदम्य साहस का परिचय दिया है।

फरवरी 2025 में सामने आई जानकारी के अनुसार, राज्य के 15 बच्चों को अब तक राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार मिल चुका है। ऐसे में राज्य स्तर पर पुरस्कार शुरू होने से स्थानीय स्तर पर बहादुरी दिखाने वाले बच्चों को भी पहचान और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

बच्चों के साहस को मिलेगा प्रोत्साहन

राज्य स्तरीय बाल वीरता पुरस्कार शुरू होने से न केवल बहादुर बच्चों का सम्मान होगा, बल्कि इससे अन्य बच्चों को भी विपरीत परिस्थितियों में साहस, संवेदनशीलता और दूसरों की मदद करने की प्रेरणा मिलेगी।

मुख्यमंत्री की इस घोषणा को प्रदेश के बाल वीरों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब राज्य स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें सम्मानित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

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