63वीं अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में देव संस्कृति विश्वविद्यालय का शानदार प्रदर्शन विद्यार्थियों ने जीते दिल और कई प्रतिष्ठित पुरस्कार, प्रतिकुलपति ने दी बधाई

हरिद्वार, 29 मार्च | चंद्रप्रकाश बहुगुणा

प्रयाग संगीत समिति द्वारा आयोजित 63वीं अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान का नाम गौरवान्वित किया। प्रतियोगिता का आयोजन प्रयागराज में किया गया, जिसमें देशभर से लगभग 600 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

विश्वविद्यालय के संगीत वाद्य अध्ययन केन्द्र से 9 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का दल, प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या के मार्गदर्शन में प्रतियोगिता में शामिल हुआ। विद्यार्थियों ने विभिन्न विधाओं में प्रभावशाली प्रस्तुति देकर कई महत्वपूर्ण पुरस्कार अपने नाम किए।

प्रतियोगिता से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने प्रतिकुलपति से भेंट कर अपनी उपलब्धियों को साझा किया। इस अवसर पर डॉ. पण्ड्या ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और विश्वविद्यालय में उपलब्ध उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिणाम है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड और विश्वविद्यालय का नाम संगीत जगत में ऊँचा किया है।

प्रतियोगिता में प्रमुख उपलब्धियाँ इस प्रकार रहीं:

सामान्य वर्ग (तबला वादन) में लक्ष्मी शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

सत्यम कटरे ने द्वितीय स्थान हासिल किया।

निवेदिता पाण्डेय एवं आर्यनजीत पटेल ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

सामान्य वर्ग (भरतनाट्यम) में स्वास्तिका जायसवाल ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

विशेष वर्ग (मृदंग/पखावज वादन) में जयेन्द्र श्रीवास्तव ने प्रथम स्थान अर्जित किया।

इसके अतिरिक्त रूपा रंजन, क्षितिज बैरागी एवं ओम नारायण शर्मा ने भी सराहनीय प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय की उपलब्धियों में योगदान दिया।

संगीत वाद्य अध्ययन केन्द्र के अनुसार प्रतियोगिता में देशभर के 600 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और उच्च स्तर की प्रतिभा का प्रदर्शन किया। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने वर्षों के अभ्यास और साधना के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई।

प्रतियोगिता के समापन पर सभी विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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