देहरादून/गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण (भराड़ीसैंण) स्थित विधानसभा भवन में शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत राज्यपाल गुरमीत सिंह के अभिभाषण से होगी, जिसमें सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और आने वाले समय की योजनाओं का खाका पेश किया जाएगा।
बजट सत्र 9 मार्च से 13 मार्च तक चलेगा और इसे राज्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण सत्र माना जा रहा है। राज्यपाल अपने अभिभाषण में सरकार के पिछले वर्ष के कार्यों का उल्लेख करने के साथ-साथ आगामी विकास योजनाओं और नीतिगत प्राथमिकताओं पर भी प्रकाश डालेंगे।
सत्र के पहले दिन ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो इस समय वित्त विभाग भी संभाल रहे हैं, विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट पेश करेंगे। यह बजट राज्य के विकास, आधारभूत ढांचे, रोजगार, पर्यटन और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से जुड़े कई अहम प्रावधानों के साथ पेश किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि इस बार बजट का आकार करीब 1.10 से 1.11 लाख करोड़ रुपये तक हो सकता है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। सरकार का दावा है कि बजट तैयार करते समय समाज के विभिन्न वर्गों से सुझाव लिए गए हैं और इसमें सभी क्षेत्रों के संतुलित विकास पर ध्यान दिया गया है।
हालांकि बजट सत्र के दौरान राजनीतिक हलचल भी तेज रहने की संभावना है। विपक्षी दल पहले ही कई मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं, जिसके कारण सदन में तीखी बहस और हंगामे के आसार भी जताए जा रहे हैं।
विधानसभा सत्र को देखते हुए गैरसैंण और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके और सत्र शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो सके।
