अंतरराष्ट्रीय मंच पर गूंजी एआई नैतिकता की आवाज एआई सुरक्षा का मूल उद्देश्य मानव कल्याण की सुनिश्चितता : डॉ. चिन्मय पण्ड्या

चंद्रप्रकाश बहुगुणा,
एआई सुरक्षा को लेकर हो रहे समिट में साउथ एशियन इंस्टीट्यूट फॉर पीस एंड रिकॉन्सिलिएशन (एसएआईपीआर) के अध्यक्ष डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग को केवल तकनीकी प्रोटोकॉल और नियामक ढांचों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, बल्कि इसे नैतिक चेतना, मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व के व्यापक परिप्रेक्ष्य में समझना आवश्यक है।
अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि एआई के सुरक्षित उपयोग का मूल उद्देश्य मानव कल्याण की सुनिश्चितता है। लोकतांत्रिक पहुंच, डिजिटल साक्षरता और मूल्य-आधारित नवाचार सुरक्षित एवं उत्तरदायी एआई के प्रमुख अंग हैं। भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और बहुभाषी एआई पारिस्थितिकी तंत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह मॉडल समावेशी, पारदर्शी और न्यायसंगत डिजिटल शासन की दिशा में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करता है।
विगत कई वर्षों से देश विदेश में एआई पर अनेक व्याख्यान दे चुके देसंविवि के प्रतिकुलपति व शिक्षाविद् डॉ चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रगति को मानवीय गरिमा, सांस्कृतिक संवेदनशीलता और आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता के साथ संतुलित करना समय की आवश्यकता है। इस संदर्भ में देव संस्कृति विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो उभरती प्रौद्योगिकी चर्चाओं में नैतिकता, मानवीय मूल्यों और चेतना अध्ययन को सक्रिय रूप से समाहित कर रहे हैं।
वहीं अंतरराष्ट्रीय एआई विशेषज्ञों ने माना कि यदि विकास और नैतिकता के बीच संतुलन को प्राथमिकता दी जाए, तो भारत वैश्विक एआई सुरक्षा विमर्श को दिशा देने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है। सत्र के दौरान सहयोगात्मक, पारदर्शी और नैतिक रूप से सुदृढ़ एआई शासन की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।
शांतिकुंज मीडिया विभाग के अनुसार इस दौरान अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ चिन्मय पण्ड्या ने अंतरराष्ट्रीय अतिथियों को देवसंस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज द्वारा संचालित हो रहे विभिन्न कार्यक्रमों की भी जानकारी दी।  ज्ञात हो कि नई दिल्ली स्थित भारत मण्डपम् में देवसंस्कृति विवि के प्रतिकुलपति युवा आइकॉन डॉ चिन्मय पण्ड्या की विशेष उपस्थिति में एआई फार डेमोक्रेसी विषय पर 20 फरवरी को कार्यक्रम होगा। जिसमें अनेक राजनैतिक हस्तियों, एआई विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। यह आयोजन देवसंस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार, इंडिया एआई मिशन (भारत सरकार), इंटर पार्लियामेंट्री यूनियन (आईपीयू) स्विट्जरलैण्ड एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है।
!-- Google tag (gtag.js) -->