देहरादून,
आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार की जा रही है। इस SOP के तहत श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक मर्यादाओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए जा रहे हैं।
प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, चारों धामों — बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ धाम, गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम — में गर्भगृह और मंदिर परिसर के भीतर फोटो और वीडियो बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह निर्णय मंदिरों की पवित्रता और व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया जा रहा है।
इसके साथ ही, विभिन्न प्रकार की पूजा-अर्चना के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। मंदिर समितियों के अनुसार, यह वृद्धि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने, सुविधाओं के विस्तार और भीड़ प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक है।
राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि SOP के अंतर्गत दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को लंबी कतारों और अव्यवस्था का सामना न करना पड़े। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को बढ़ावा दिया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार, इस बार यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन, आपदा नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पंजीकरण प्रक्रिया को भी सरल और प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के यात्रा कर सकें।
सरकार का मानना है कि इन नए नियमों और व्यवस्थाओं से चारधाम यात्रा अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालु-अनुकूल बनेगी, साथ ही धार्मिक स्थलों की गरिमा भी बनी रहेगी।
