देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने नई दिल्ली प्रवास के दौरान भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राष्ट्रनिर्माण में युवाशक्ति की भूमिका, मूल्य आधारित शिक्षा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण तथा वैश्विक समन्वय जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सारगर्भित चर्चा हुई। साथ ही युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने के विविध आयामों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
डॉ. पंड्या ने आगामी अप्रैल माह में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव 2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पधारने हेतु माननीय उपराष्ट्रपति को औपचारिक आमंत्रण भी प्रदान किया।
इस दौरान डॉ. पंड्या ने उपराष्ट्रपति महोदय को देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज का प्रतीक चिह्न एवं युग साहित्य भेंट कर उनका सम्मान किया। यह भेंट वार्ता शिक्षा, संस्कृति और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में सकारात्मक पहल के रूप में देखी जा रही है।
