देहरादून।
उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने संगठन और सरकार से जुड़े दायित्वधारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि अनावश्यक दावेदारी और सार्वजनिक बयानबाजी से बचें, क्योंकि इससे पार्टी के भीतर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी पदाधिकारियों और दायित्वधारियों की बैठक में कहा कि चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि टिकट को लेकर व्यक्तिगत दावेदारी जताने या मीडिया में बयान देने से कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति पैदा होती है, जो संगठन के लिए ठीक नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा एक अनुशासित संगठन है और यहां टिकट का निर्णय केंद्रीय नेतृत्व और संसदीय बोर्ड द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार किया जाता है। ऐसे में सभी कार्यकर्ताओं और दायित्वधारियों को संगठन की मर्यादा का पालन करना चाहिए और अपने-अपने क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि पार्टी का फोकस विकास कार्यों, जनसंपर्क अभियानों और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने पर रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 2027 का चुनाव विकास, सुशासन और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के आधार पर लड़ा जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले टिकट की संभावित दावेदारी को लेकर अंदरूनी हलचल स्वाभाविक है, लेकिन पार्टी नेतृत्व अनुशासन बनाए रखने के लिए अभी से सख्त रुख अपनाए हुए है।
फिलहाल भाजपा संगठन चुनावी रणनीति को लेकर चरणबद्ध तरीके से तैयारी में जुटा है और कार्यकर्ताओं को एकजुट रहकर जनता के बीच सक्रिय रहने का संदेश दिया गया है।
