उत्तरकाशी: विशाल हिंदू सम्मेलन में सनातन संस्कृति और सामाजिक एकता का दिया गया संदेश

उत्तरकाशी, 07 मार्च (रिपोर्टर: चंद्रप्रकाश बहुगुणा)। सीमांत जनपद उत्तरकाशी में शनिवार को एक भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस विशाल सम्मेलन ने क्षेत्र में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का सशक्त संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन मुख्य अतिथि स्वामी अक्षयानंद, पीठाधीश्वर सदाशिव मंदिर सन्यास मठ आश्रम, हरिद्वार के मार्गदर्शन में विधिवत रूप से संपन्न हुआ।

सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में हिंदू समाज को अपनी सनातन जड़ों, संस्कृति और परंपराओं के प्रति अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था का विषय नहीं है, बल्कि यह मानवता, सहिष्णुता और सामाजिक समरसता का आधार है, जिसने सदियों से भारतीय समाज को एक सूत्र में बांधे रखा है।

उन्होंने अपने विचार रखते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मेलन समाज में हिंदू जागरण, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक एकता को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए समाज में सद्भाव, सहयोग और राष्ट्रहित की भावना को और सशक्त बनाया जाए।

इस अवसर पर गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण, डुंडा ब्लॉक प्रमुख हैप्पी परमार, भाजपा के वरिष्ठ नेता किशोर भट्ट, सूरत राम नौटियाल, मनोहर श्याम नौटियाल, सत्ये सिंह राणा, स्वामी अनुज ब्रह्मचारी, अष्टादश पुराण समिति के संरक्षक प्रेम सिंह पंवार सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।

कार्यक्रम में गायत्री परिवार, ब्राह्मण समाज, दुर्गा वाहिनी, हनुमान मंदिर समिति, विश्वनाथ मंदिर समिति तथा विभिन्न कीर्तन मंडलियों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे।

सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि सनातन संस्कृति और हिंदू समाज की एकता ही भारत की वास्तविक शक्ति है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं।

कार्यक्रम को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए क्षेत्र की जनता में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। दूर-दराज के गांवों से बड़ी संख्या में लोग सम्मेलन में पहुंचे, जिससे पूरा आयोजन स्थल भगवा ध्वजों और धार्मिक उत्साह से गुंजायमान हो उठा।

आयोजकों के अनुसार भविष्य में भी इस प्रकार के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे, ताकि सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा सके।

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