हरिद्वार, चंद्रप्रकाश बहुगुणा
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में कार्यकर्ता भाइयों की शारीरिक दक्षता और मानसिक स्फूर्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय खेल महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संस्था की अधिष्ठात्री श्रद्धेया शैलदीदी ने केसरिया ध्वज फहराकर महोत्सव की शुरुआत की और सभी प्रतिभागियों को पूर्ण शुचिता, अनुशासन और खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, सहयोग और सामूहिक शक्ति का प्रतीक है।
खेल महोत्सव का सबसे रोमांचक आकर्षण वॉलीबॉल मुकाबला रहा, जिसमें युवा आइकॉन डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने स्वयं मैदान में उतरकर टीम का नेतृत्व किया। एक कुशल खिलाड़ी की तरह उन्होंने कई शानदार शॉट लगाए और अपनी टीम को निर्णायक जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैदान में उनका जोश और सक्रियता देखकर युवा कार्यकर्ताओं में भी उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ।
महोत्सव में उम्र की सीमाएं भी टूटती नजर आईं। रस्साकशी प्रतियोगिता में 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ प्रतिभागियों ने भी पूरे दमखम के साथ हिस्सा लिया। अवधेश पाण्डेय की टीम ने शानदार तालमेल का प्रदर्शन करते हुए एक मिनट से भी कम समय में प्रतिद्वंद्वी टीम को परास्त कर जीत हासिल की।
वहीं 400 मीटर दौड़ में प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसमें जग्गू गढ़तिया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। गोला फेंक प्रतियोगिता में भी 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के प्रतिभागियों ने अपनी ताकत और उत्साह का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
आयोजन समिति के अनुसार इस दो दिवसीय खेल महोत्सव का उद्देश्य कार्यकर्ताओं के भीतर टीम भावना, धैर्य, सहयोग और जुझारूपन को विकसित करना है। ऐसे आयोजनों से न केवल स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि मिशन के कार्यों के लिए नई मानसिक ऊर्जा भी प्राप्त होती है। सभी प्रतिभागियों ने राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ खेलों का भरपूर आनंद लिया।
महोत्सव के दौरान हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, भोजपुरी और तमिल भाषाओं में की गई कमेंट्री ने कार्यक्रम को और भी रोचक बना दिया, जिसका उपस्थित जनसमुदाय ने खूब आनंद लिया। इस अवसर पर महिला मण्डल की प्रमुख शैफाली पण्ड्या सहित शांतिकुंज में देश-विदेश से आए अनेक कार्यकर्ता और श्रद्धालु भी उपस्थित रहे। 🏅
