हरिद्वार : सात दिवसीय राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का भव्य समापन, स्वयंसेवक सम्मानित

हरिद्वार, 27 फरवरी। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के जीवन विद्या स्थित आलोक केंद्र में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय (उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखंड) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ।

समापन समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, ऋतु खंडूरी भूषण, उत्तर प्रदेश सरकार के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह तथा अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि राष्ट्रीय एकता पारस्परिक संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सेवा कार्यों से सुदृढ़ होती है। उन्होंने शिविर में प्राप्त शिक्षाओं और अनुभवों को दैनिक जीवन में आत्मसात करने का आह्वान करते हुए युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और सामाजिक समरसता के संवाहक बनने के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा कि इस प्रकार के शिविर देश की विविधता में एकता की भावना को सशक्त करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों के अनुशासन, समर्पण और उत्साह की सराहना करते हुए कहा कि युवा शक्ति ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है।

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना युवाओं में सेवा, सहयोग और नेतृत्व क्षमता का विकास करती है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया।

राष्ट्रीय सेवा योजना के क्षेत्रीय निदेशक समरदीप सक्सेना ने कहा कि ऐसे शिविर विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक साझा मंच प्रदान कर राष्ट्रीय एकात्मता को मजबूत करते हैं। उन्होंने सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रतिभागियों को बधाई दी।

शिविर समन्वयक के अनुसार, इस शिविर में कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली सहित 13 राज्यों के 185 विश्वविद्यालयों से एक हजार से अधिक युवाओं ने सहभागिता की। सात दिनों के दौरान स्वयंसेवकों को विभिन्न विषयों में प्रशिक्षण दिया गया तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विविध गतिविधियों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। समापन अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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