देहरादून राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और उद्योग स्थापना की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार ने उद्योगों से जुड़े निरीक्षण कार्यों को अधिक प्रभावी और निष्पक्ष बनाने के लिए *थर्ड पार्टी निरीक्षण व्यवस्था* लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में प्रस्ताव पर औपचारिक मुहर लगा दी गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि अब नए उद्योगों एवं संचालित इकाइयों के निरीक्षण के लिए अधिकृत थर्ड पार्टी एजेंसियों की सेवाएं ली जाएंगी। इससे उद्योगपतियों को अनावश्यक देरी और जटिल प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी, साथ ही विभागीय पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

क्या होगा फायदा?
* उद्योग स्थापना की प्रक्रिया होगी तेज
* निरीक्षण प्रणाली में आएगी पारदर्शिता
* भ्रष्टाचार एवं अनावश्यक दबाव पर लगेगी रोक
* निवेशकों का बढ़ेगा विश्वास
* राज्य में रोजगार के अवसरों में होगा इजाफा
सरकार का मानना है कि थर्ड पार्टी निरीक्षण प्रणाली लागू होने से *Ease of Doing Business* रैंकिंग में भी राज्य को मजबूती मिलेगी। निवेशकों को सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से समयबद्ध स्वीकृतियां उपलब्ध कराई जाएंगी।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि उद्योग विभाग द्वारा अधिकृत एजेंसियों की सूची तैयार की जाएगी, जो तकनीकी मानकों के अनुरूप निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करेंगी। इससे प्रक्रियाएं डिजिटल और पारदर्शी बनेंगी।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक विकास को प्राथमिकता देते हुए निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में उत्तराखंड को औद्योगिक निवेश के लिए पसंदीदा गंतव्य बनाया जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं उद्योग विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
