डिप्लोमा इंजीनियर्स की हड़ताल चौथे दिन भी जारी, 27 सूत्रीय मांगों पर अड़े कर्मचारी

नई टिहरी। उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ द्वारा अपनी 27 सूत्रीय मांगों को लेकर शुरू की गई हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। महासंघ से जुड़े इंजीनियर लोक निर्माण विभाग के निरीक्षण भवन परिसर में धरने पर बैठे रहे और सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।

धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महासंघ की मांगों को लेकर पूर्व में कई बार सरकार के साथ वार्ता हुई, लेकिन अब तक कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया। इसी कारण मजबूरन इंजीनियरों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

इंजीनियरों ने प्रमुख मांगों में कनिष्ठ अभियंताओं की लंबित वेतन विसंगतियों को दूर करने, डिप्लोमा इंजीनियरों को 26 वर्ष की सेवा के बाद पदोन्नति वेतनमान देने, वर्ष 2014 के बाद नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं को प्रथम एसीपी के तहत ₹5400 ग्रेड पे प्रदान करने, पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने तथा स्थानांतरण अधिनियम में अति दुर्गम क्षेत्रों के लिए संशोधन करने की मांग रखी।

धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि कर्मचारियों की अनदेखी से विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

कार्यक्रम का संचालन नीतू चौहान ने किया। इस दौरान इंजीनियर जयप्रकाश भट्ट, लघु सिंचाई मंडल अध्यक्ष अंकित सैनी, जनपद सचिव शक्ति आर्य, स्वाति चौहान, मोहम्मद इरफान, दुर्गेश कुमार, राजेंद्र सोढ़ी, ममता पवार, अनिल कुमार सहित अन्य इंजीनियर और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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