देहरादून – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत आगामी 22 और 23 फरवरी 2026 को दो दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर देहरादून में रहेंगे। उनके आगमन से पहले ही प्रदेशभर में 1000 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
उत्तराखंड में आरएसएस शताब्दी वर्ष (स्थापना के 100 साल) के अवसर पर व्यापक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में यह निर्णय लिया गया है कि सरसंघचालक के आगमन से पहले 1000 हिंदू सम्मेलन पूरे राज्य में सफलतापूर्वक आयोजित किए जाएंगे ताकि विभिन्न क्षेत्रों, सामाजिक समुदायों और नेतृत्वकारी व्यक्तियों के साथ संवाद स्थापित किया जा सके।
प्रदेश कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने बताया कि इस दौरान आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रदेशभर के सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों के साथ सीधी बातचीत करेंगे और कार्यक्रमों के सफल संचालन में नेतृत्व प्रदान करेंगे।
22 फरवरी को सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत देहरादून में कार्यक्रमों में शामिल होंगे, जहां वे समाज के प्रमुख नागरिकों से संवाद करेंगे। अगले दिन 23 फरवरी को उनका कार्यक्रम सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ संवाद तथा अन्य विचार-विमर्शों के लिए निर्धारित है। इस दौरान प्रशासन और संगठन के पदाधिकारियों ने प्रमुख नागरिकों तथा पूर्व सैनिकों को निमंत्रण भी भेज दिया है।
यह कार्यक्रम न केवल संस्थागत बातचीत का एक मंच साबित होगा, बल्कि सामाजिक विविधता तथा सांस्कृतिक सहयोग को भी प्रोत्साहित करेगा। उत्तराखंड में ऐसे आयोजन पहले भी सामाजिक संगठन और नेतृत्व को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
