गर्मी से पहले कूड़े की बदबू और बीमारियों का खतरा, गंगा में गिरते कूड़े को रोकने की मांग तेज

उत्तरकाशी, चंद्रप्रकाश बहुगुणा
उत्तरकाशी में मां गंगा की स्वच्छता और शहर में ठोस कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 84वें दिन भी जारी रहा। Uttarkashi के सुमन मंच, हनुमान चौक पर सामाजिक कार्यकर्ता Gopinath Singh Rawat के नेतृत्व में यह आंदोलन जारी है, जिसमें स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से ठोस कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।

बुधवार को धरना स्थल पर Mori ब्लॉक से आए पूर्व जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर आंदोलन को अपना समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे के समीप बनाए गए अवैध डंपिंग जोन से लगातार कूड़ा-करकट सीधे Ganga River में गिर रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक स्थिति है।

आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गोपीनाथ सिंह रावत ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही खुले में पड़े कूड़े से भयंकर दुर्गंध फैलने लगी है और इससे बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि कूड़े से उठने वाली बदबू पूरे शहर के वातावरण को दूषित कर रही है। इससे एक ओर जल प्रदूषण बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर वायु प्रदूषण भी तेजी से फैल रहा है, जो आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि नगर पालिका और जिला प्रशासन को इस गंभीर समस्या पर तुरंत ध्यान देना चाहिए। यदि जल्द ही कूड़ा निस्तारण की ठोस व्यवस्था नहीं की गई और गंगा में गिर रहे कूड़े को नहीं रोका गया, तो इसे जनता के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ माना जाएगा।

धरना स्थल से प्रशासन से यह मांग भी की गई कि जल्द से जल्द स्थायी ट्रेचिंग ग्राउंड और वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण प्रणाली की व्यवस्था की जाए, ताकि मां गंगा को प्रदूषण से बचाया जा सके और शहरवासियों को इस समस्या से राहत मिल सके।

आज के धरने में गुलबिया जिंगडांटा (पूर्व ब्लॉक प्रमुख मोरी), रामलाल विश्वकर्मा (पूर्व विधायक प्रत्याशी पुरोला-मोरी), रितेश चौहान, भरत सिंह राणा, डॉ. नागेंद्र जगूड़ी, अनुराग रांगड़, संदीप रावत, विष्णु पाल सिंह रावत और जितेंद्र सहित कई सम्मानित नागरिक मौजूद रहे और आंदोलन को अपना समर्थन दिया।

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