हरिद्वार, (चंद्रप्रकाश बहुगुणा)।
हरिद्वार स्थित देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज और National Association of Psychological Science (एनएपीएस) के बीच मनोविज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में शोध एवं अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस समझौते पर देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या तथा एनएपीएस के अध्यक्ष प्रो. रोशन लाल दहिया ने हस्ताक्षर किए। इस पहल के माध्यम से दोनों संस्थान मनोविज्ञान, व्यसन अध्ययन और मानसिक स्वास्थ्य विज्ञान जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान और ज्ञान के आदान-प्रदान को नई दिशा देंगे।
एमओयू के तहत दोनों संस्थानों के बीच सहयोगात्मक शोध परियोजनाएँ, संयुक्त शोध प्रकाशन और विभिन्न शैक्षणिक पहल संचालित की जाएँगी। साथ ही संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण एवं कौशल विकास कार्यक्रम, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अनुदानों के लिए संयुक्त प्रस्तावों का विकास, तथा शोधकर्ताओं, शिक्षकों और छात्रों के बीच अकादमिक व प्रशासनिक विशेषज्ञता का आदान-प्रदान किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त दोनों संस्थान मिलकर सेमिनार, सम्मेलन, कार्यशालाएँ, संगोष्ठियाँ और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे, जिससे मनोवैज्ञानिक विज्ञान और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने कहा कि यह साझेदारी अंतःविषयक अनुसंधान को प्रोत्साहित करने, अकादमिक सहयोग को मजबूत करने और समाज के कल्याण के लिए मनोवैज्ञानिक विज्ञान की समझ को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि इस सहयोग से शोध और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएँ विकसित होंगी तथा छात्रों और शोधकर्ताओं को बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
