पिथौरागढ़।
हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर पर्वतीय पत्रकार एसोसिएशन, पिथौरागढ़ द्वारा नगर पालिका सभागार में एक विचार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी पत्रकारिता की गौरवशाली यात्रा, वर्तमान चुनौतियों और बदलते मीडिया परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिलाधिकारी आशीष भटगाई तथा विशिष्ट अतिथि कल्पना देवलाल रहे। अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता ने पिछले दो शताब्दियों में समाज को जागरूक करने, लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और जनसरोकारों को आवाज देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। साथ ही डिजिटल युग में पत्रकारिता के सामने खड़ी चुनौतियों और जिम्मेदारियों पर भी प्रकाश डाला गया।
विचार गोष्ठी में एलएसएम परिसर के निदेशक डॉ. हेम पांडेय, शिक्षाविद् डॉ. अशोक पंत, जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष जितेंद्र वल्दिया, सीनियर सिटीजन वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष दयानंद भट्ट, भूतपूर्व सैनिक संगठन के उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह खनका सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वरिष्ठ पत्रकार नंदन सिंह कोश्यारी, ओपी अवस्थी, सुधीर राठौर, किशन पाठक, गिरीश पंत, प्रमोद द्विवेदी, विजय उप्रेती एवं नीरज पंत को सम्मानित किया गया। सम्मानित पत्रकारों के योगदान की सराहना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि निष्पक्ष, जिम्मेदार और जनपक्षीय पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है।
पर्वतीय पत्रकार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजयवर्धन उप्रेती ने सभी अतिथियों, पत्रकारों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन महासचिव भक्त दर्शन पांडे द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जिले भर से बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे। आयोजन ने हिंदी पत्रकारिता की समृद्ध विरासत को याद करते हुए भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर सार्थक विमर्श का मंच प्रदान किया।
