पुरोला, उत्तरकाशी।
विश्व जल दिवस के अवसर पर विकासखंड पुरोला के सभागार में “कमल नदी पुनर्जीवन एवं जलागम प्रबंधन” विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला जिलाधिकारी उत्तरकाशी के निर्देशों के अनुपालन में आयोजित की गई, जिसमें कमल नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यशाला में शासन की महत्वाकांक्षी योजना “एक जनपद एक नदी” के अंतर्गत जनपद उत्तरकाशी के लिए कमल नदी के चयन की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कमल नदी क्षेत्र की जीवनरेखा है, जिसके संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए एक ठोस और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
बैठक के दौरान जलागम (वॉटरशेड) प्रबंधन को लेकर विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। नदी के जलस्तर को बढ़ाने, प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा वर्षा जल संचयन को प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यशाला में यह भी निर्णय लिया गया कि कमल नदी पुनर्जीवन अभियान में स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया जा सके।
इस अवसर पर ज्येष्ठ प्रमुख महावीर रावत, बलवंत सिंह पंवार, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य सहित वन विभाग, सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग, जल संस्थान और खंड विकास अधिकारी सुरेश चौहान समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर अधिकारियों ने बताया कि शीघ्र ही नदी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद पुनर्जीवन कार्यों को धरातल पर उतारा जाएगा। इस अभियान के तहत वृक्षारोपण, चाल-खाल निर्माण तथा जलधाराओं में आ रहे अवरोधों को हटाने जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
